Saturday , April 20 2019
Breaking News
Home / Uncategorized / अर्पण जैन ‘अविचल’

अर्पण जैन ‘अविचल’

प्रधान संपादक एवम् संस्थापक परिचय:

अर्पण जैन सेंस टेक्नॉलजीस के संस्थापक हैं। यह कार्पोरेशन मध्यभारत में वेबसाइट, मोबाइल एप, पोर्टल बनाने वाली कंपनियों में शामिल है।

श्री अर्पण जैन ‘अविचल’ ने आरंभिक शिक्षा वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्धयालय कुक्षी में हासिल की और फिर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्धयालय इंदौर से इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में ग्रेजुएशन एवं एमबीए करने के बाद पीएच डी जारी है | इसके बाद उन्होंने इंदौर में अपना कारोबार संभाला और फिर डिजिटल वेब व्यवसायी के साथ साथ पत्रकारिता जगत में अपने पोर्टल एवं अख़बारखबर हलचल न्यूज के माध्यम से पत्रकार और सम्पादक के रूप में पत्रकारिता जगत में अपनी विशिष्ट छवि बनाई। इस कंपनी की पहचान इन्होंने अनुशंसनीय मूल्यों के आधार पर बनाई जिसकी औद्योगिक जगत में बहुत सराहना हुई। सेंस टेक्नॉलजीस और खबर हलचल न्यूज भारत के लगभग २५ राज्यों में 180 से ज़्यादा लोगो की टीम के साथ कार्यरत पंजीकृत कंपनी है।

श्री जैन ने व्यापार के दूसरे क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट सफलताएँ प्राप्त की हैं। पत्रकारिता से अपने गहरे सरोकार को दर्शाते हुए उन्होंने भारत के पत्रकारों के लिए पहली सोशल नेटवर्किंग साइट ‘इंडियन रिपोर्टर्स’ बनाई, जिसके फलस्वरूप पंजाब, उत्तराखंड और सिक्किम जैसे भारत के सभी राज्यों के पत्रकार जुड़े हुए हैं| जैन कई कंपनियों के बोर्ड के सक्रिय सदस्य भी हैं।

श्री जैन उदार और मानवतावादी व्यक्ति हैं जो कंपनी की लोकहितकारी गतिविधियों में भी रूचि रखते हैं। इन गतिविधियों के अंतर्गत एक चैरिटेबल ट्रस्ट भी चलाया जा रहा है जिसमें 10000 से ज़्यादा लोग जुड़कर मानव सेवा के मिशन में जुड़े है | श्री जैन को लिखने-पढ़ने का जज़्बा और शौक़ है। उन्हें हिन्दी साहित्य और उर्दू शायरी से गहरा लगाव है और उनके हिन्दी भाषा के विस्तार और व्यवहार के दायरे को फैलाने उद्देश्य से ‘मातृभाषा.कॉम’ और उर्दू के विकास के लिए ‘उर्दूभाषा.कॉम’ भी शुरू की है। उन्हें संगीत से भी गहरा प्रेम है।

www.asjainindia.blogspot.in

संपर्क – +919406653005

About madhu-sand

Check Also

गच्छाधिपति का 70 वा जन्मदिन मनाया गया

गच्छाधिपति का 70 वा जन्मदिन मनाया गया राजगढ़ (धार)राष्ट्रसंत, पूण़्य सम्राट प.पू. गुरूदेव श्रीमद्विजय जयन्तसेन …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *