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तपस्वी टिना मोगरा का निकला भव्य वरघोड़ा

 

पिपलौदा  / (प्रफुल जैन) – पावनिय चातुर्मास अंतर्गत गच्छाधिपति नित्यसेन सूरीश्वर जी म.सा.व साधु साध्वी भगवंत की पावन निश्रा में श्रीमति टिना अभिषेक मोगरा के 16 उपवास की तपस्या पूर्ण होने पर उनके निवास स्थान से भव्य वरघोड़ा निकला जो मुख्य मार्ग से होते हुए श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ धाम पहुँचा जहाँ सभी ने गच्छाधिपति श्री के दर्शन लाभ लेकर चल रहे प्रवचन का श्रवण किया। श्री संघ व लाभार्थी चंद्रगोता परिवार द्वारा तपस्वी का बहुमान किया व परिवार जनों ने तपस्वी को पारणा करवाया तप की कड़ी में नटवर सिंह राठौर के 17 उपवास की तपस्या चल रही है अपने प्रवचन के दौरान मुनिराज श्री सिद्धरत्न विजय जी म.सा.ने उत्तराध्यन सूत्र के प्रथम अध्यन विनय के बारे में बताते हुए कहा शुभ कार्य करने से जीवन मे हमेशा उत्थान होता है समुद्र में आने वाले भवर का उदाहरण देते हुए बताया कि जो जीव भवर फस जाता है वह बड़ी मुश्किल से निकलता है या फिर अपने प्राणों का गवा देता है उसी प्रकार मानव संसार रूपी भवर में भौतिक सुख सुविधा व साधनों में उलझ गया है जो पतन का कारण है साथ ही वैराग्य वाषित होने के लिए संसार के चक्रों से छूटना होगा व धर्म का अनुशरण करने पर मानव वैराग्य वाषित हो जाता है

शुभम ने दिया शुभ संदेश – पिपलोदा के गौरव शुभम बोहरा ने यशश्वी पाठ परम्परा को नमन वंदन व उपस्थित जनसमूदाय का अभिवादन कर बताया कि पेड़ की रक्षा के लिए जड़ो में सींचन करना पड़ता है ना कि पत्तो पर। वर्तमान की नई पीढ़ी अपने परिवार के माता पिता व बुजुर्गों की सलाह को नही मांन कर उल्टे रास्ते चल रही है इसे रोकने के लिए तीन सुझाव दिए जिसमे बेटी बचाओ शासन बचाओ, बेटी ब्याहो व बहु पढ़ाओ के साथ ही बच्चों को धार्मिक ज्ञान शाला व पाठशाला में भेजकर संस्कार वान बनाओ इन तीनो सुझाव का अनुशरण करने वाले परिवार में कभी भी विघटन नही होता।
वर्तमान में कान्वेंट स्कूल में बच्चों को दाखिला दिलवाने का चलन चल रहा है व आर्थिक बोझ भी बड़ा है उसके बाद भी बच्चों में संस्कार देखने को नही मिल रहा है बच्चों को संस्कार तभी मिल सकते है जब वह ज्ञान शाला व गुरुकुल व साधु साध्वी भगवंत द्वारा लगाए जाने वाले शिक्षण शिविरों में भाग लेंगे जो माता पिता बच्चों को संस्कार नही देते वो बच्चों के शत्रु होते है।
श्री संघ पांथेडी के कालू सिंह ने जिन मंदिर की प्रतिष्ठा हेतु व श्री संघ हरजी से अम्बालाल जी ने गुरु सप्तमी पर्व पर निश्रा प्रदान करने हेतु विनती करते हुए सभी से क्षमायाचना की ।
मुनिराज तारकरत्न विजय जी म.सा.द्वारा आत्म भावना प्राथर्ना करवाई गई ।
मुनिराज श्री विद्वदरत्न विजय जी म.सा.,मुनिराज प्रशमसेन विजय जी म.सा.,मुनिराज श्री निर्भयरत्न विजय जी म.सा. साध्वी श्री भाग्यकला श्री जी म.सा. आदि ठाणा उपस्थित थे।

ये रहे लाभार्थी – श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ धाम प्रचार सचिव प्रफुल जैन ने बताया कि दादा गुरुदेव व पूण्य सम्राट की आरती का लाभ महालक्ष्मी मेटल मार्क विजयवाड़ा व प्रभावना का लाभ शान्तिलाल मोगरा परिवार, संजय नागोरी परिवार,श्री संघ पांथेडी, पारा,हरजी राजस्थान,व गवली का लाभ जयंतीलाल गांधी परिवार ने लिया इस अवसर पर महिला परिषद की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सेवंतीबाई मोरखिया व सभी श्री संघ व लाभार्थीयो का विजय कुमार चन्द्रगोता परिवार द्वारा बहुमान किया गया।
संचालन – चातुर्मास प्रभारी राकेश जैन व वाटिका उपाध्यक्ष शिखर बोहरा ने किया।

महिलाओं में भी हुआ लोच – श्री मति लक्की ऋषभ धींग की तपस्या निमित्त श्रीमती कमला बेन पूना व सुभद्रा बेन ठाणा मुम्बई ने साध्वी भगवंत से लोच करवाया ।

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