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दुख व संकट की घड़ी में धैर्य को ना छोडे- गच्छाधिपति श्री

 

पिपलौदा / (प्रफुल जैन) – पावनिय चातुर्मास महोत्सव के दौरान श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ धाम पर गच्छाधिपति नित्यसेन सूरीश्वर जी म.सा.ने कहा कि मानव को अपनी प्रवर्ति में असफल होने के बावजूद भी हतोत्साहित नही होना चाहिए अपितु उत्साह पूर्वक दृढ़ता से आगे बढ़ना चाहिए जिस प्रकार चींटी दीवार पर चढ़ने चढ़ते बार बार गिरती है व पुनः प्रयास कर अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ती रहती है वैसे ही आराधकों को भी दुख और संकट की घड़ी में अपने धैर्य को नही छोड़ना चाहिए अंततः आराधक को सफलता प्राप्त होती है ।

मुनिराज श्री सिद्धरत्न विजय जी म.सा.ने उत्तराध्यन सूत्र के बारे में बताते हुए कहा कि श्रवण भगवान महावीर का शासन प्रवर्तमान है जिसमे मानव को मान कसाय निंदा की आग ने अशांत ओर दुखी कर रखा है इसके निदान के लिए धर्म आराधना तप त्याग कर सुख शांति का अनुभव प्राप्त होता है वर्तमान में दर्शन कम और प्रदर्शन अधिक हो गए है जिनदर्शन से आत्मा को स्वयं का दर्शन होने लगता है व प्रदर्शन से मानव भटक जाता है श्रद्धा, समर्पण के साथ जिनवाणी का अनुशरण करने से आत्मा अपने लक्ष्य की ओर पहुच जाती है इसी प्रकार पोषद करने वालो को एक नही अस्टप्रवचन माता होती है जो आराधकों के आराधना में सहाय रूप होती है ।

मुनिराज श्री विद्वदरत्न विजय जी म.सा.ने विक्रम चरित्र पर बोलते हुए बताया कि सयन कक्ष में अवधूत ओर अग्नि बेताल के बीच वार्तालाप होता है जिसमें अग्नि बेताल की भूख को शांत करने हेतु अवधूत अग्नि बेताल को मिठाई खाने का आग्रह करता है जिससे अग्नि बेताल की भूक शांत हो जाती है एवं अवधूत सुरक्षित रहता है अग्नि बेताल हर रात में इसी प्रकार की व्यवस्था करने का निर्देश अवधूत को कहकर चला जाता है साथ ही बताया कि दादा गुरुदेव द्वारा आहोर में नोसो जिन बिम्बो की अंजनशलाका के समय नवकाऱ के प्रभाव से मणिभद्र वीर उनकी सेवा में हाजिर थे उन्होंने किसी यति के आह्वान पर आए हुए भैरव को रोककर अन्य काम सोप दिया अतः मुनिराज तारकरत्न विजय जी म.सा.द्वारा आत्म भावना प्राथर्ना करवाई गई । मुनिराज प्रशमसेन विजय जी म.सा.,मुनिराज श्री निर्भयरत्न विजय जी म.सा.उपस्थित थे।

ये रहे लाभार्थी – श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ धाम प्रचार सचिव प्रफुल जैन ने बताया कि दादा गुरुदेव व पूण्य सम्राट की आरती का लाभ दलीचंद्र नथमल कटारिया संघवी परिवार नेनावा व प्रभावना का लाभ भवरलाल बाबुलाल वरधन भीनमाल, सुशिला बाबुलाल कोलन परिवार जावरा,महेंद्र,नरेंद्र,सुरेंद्र,धर्मेंद्र, कोलन परिवार जावरा,सुरेश चंद्र जैन मेघनगर,नेनावा श्री संघ, रिंगनोद श्री संघ व गवली का लाभ मुकेश अमन रुनवाल परिवार ने लिया सभी लाभार्थीयो का विजय कुमार चन्द्रगोता परिवार द्वारा बहुमान किया गया।

श्री संघो ने की क्षमायाचना – श्री संघ जावरा से श्री संघ अध्यक्ष बाबुलाल जैन व सारिका कोलन, रिंगनोद से चिराग भंसाली, मेघनगर से रजत कावड़िया व मुम्बई,बामनिया,थराद,जालोर, कोरटा जी,नेनावा,थराद,बड़नगर, आदि श्री संघ ने पिपलोदा चातुर्मास की खूब प्रसंसा कर गच्छाधिपति श्री व साधु साध्वी भगवंत का आशीर्वाद लेकर वार्षिक क्षमायाचना की साथ ही प्रथम निवी के लाभार्थी राजमल बादरमल भाई वोहरा परिवार थराद मुम्बई ने आराधको को प्रभावना के साथ ही लाभ देने की घोषणा की।

संचालन – चातुर्मास प्रभारी राकेश जैन ने किया।

पैदल संघ पहुचा पिपलोदा – जावरा में चातुर्मास हेतु विराजित साध्वी श्री अमितद्रष्टा श्री जी म.सा.आदि ठाणा की निश्रा में कोलन परिवार द्वारा निकाला गया पेदल संघ में श्री संघ जावरा के करीब तीन सौ श्रावक श्राविकाओ ने भाग लिया व करीब 18 किमी पैदल मार्ग से दादावाड़ी पिपलोदा पहुचे जहाँ जिन मंदिर के दर्शनकर गच्छाधिपति श्री तथा साधु साध्वी भगवंत का आशीर्वाद प्राप्त किया ।

चल रही तप आराधना – पावनिय चातुर्मास के अंतर्गत सांखली अठ्ठम एवं आयम्बिल के साथ ही श्रीमति लक्की ऋषभ धींग के 16, नटवर सिंह राठौर 15, टीना अभिषेक मोगरा 15 व नीतू प्रामिश जैन के 9 उपवास की तपस्या चल रही है।

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