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माँ बाप के उपकारो को कभी भुलाया नही जा सकता – गच्छाधिपति श्री

पिपलौदा / (प्रफुल जैन) – माता पिता के ऋण को जन्मों जन्म तक नही चुकाया जा सकता है माँ नो माह तक अपनी गर्भ में अनेक कष्टो को सहकर भी अपनी संतान का पालन पोषण करती है व जन्म के बाद भी उसका पालन पोषण कर उसे पढ़ा लिखाकर होशियार बनाती है ऐसे माँ,बाप के सभी उपकारो को कभी भी भुलाया नही जा सकता माँ बाप अपने बच्चों के लिए दिन रात मेहनत करके जीवन मे आने वाली चुनोतियों के लिए उन्हें तैयार करते है व अपनी संतान को दुखी देखकर माँ के नयन से नीर बहने लगते है ऐसे माँ बाप की छाया में बच्चे सुखमय जीवन यापन करते है बच्चों को अपने माँ बाप का दिल कभी भी नही दुखाना चाहिए उक्त उद्धबोधन पावनिय चातुर्मास महोत्सव के दौरान श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ धाम पर श्री संघ की आज्ञा से गोश्वामी परिवार द्वारा आयोजित माता पिता की वंदना कार्यक्रम अंतर्गत गच्छाधिपति नित्यसेन सूरीश्वर जी म.सा.ने दिया मुनिराज श्री सिद्धरत्न विजय जी म.सा.ने बताया कि में माँ बाप के साथ रहता हूं नही की माँ बाप मेरे साथ रहते है ऐसा हमे कहना चाहिए माँ बाप का स्नेह प्रेम संतान के प्रति कम नही होता है भगवान को हमने नही देखा किन्तु मा बाप ओर गुरु वर्तमान में भगवान तुल्य है। मुनिराज श्री विद्वदरत्न विजय जी म.सा.ने कहा की माता पिता धन दौलत की चाह नही रखते वे तो दो शब्द प्रेम के बोलने से ही खुश हो जाते है साथ ही नगर में निर्माणाधीन मुरली मनोहर मंदिर को निरंतर गति प्रदान करने के लिए जनसमुदाय को प्रेरणा दी प्रेरणा को स्वीकारकर यथा योग्य दान राशि की घोषणा दानदाताओ ने की ।  मुनिराज श्री तारकरत्न विजय जी म.सा.,मुनिराज प्रशमसेन विजय जी म.सा.,मुनिराज श्री निर्भयरत्न विजय जी म.सा.साध्वी श्री भाग्यकला श्री जी म.सा.आदि ठाणा उपस्थित थे।

माता पिता वंदना में भाव विभोर हुआ जनसमुदाय

 

 

 

 

 

 

माता पिता कार्यक्रम में सूरत गुजरात से आये विवेचनकार हार्दिक भाई एवं सोमिल भाई ने अपनी मधुर शैली में माँ के ऊपर विवेचना करते हुए बताया कि जिंदगी में माँ, महात्मा ओर परमात्मा के उपकार नही भुलाये जा सकते है एक कहावत माध्यम से बताया कि किसी ने उपवास रखा, किसी ने रोजा रखा, सबसे खुशनसीब तो वो है जिसमे माँ बाप को रखा साथ ही बताया कि पत्थर जब तक पर्वत से जुड़ा रहता है उसका महत्व अधिक होता है उसी प्रकार जो संतान अपने माता पिता व संयुक्त परिवार के साथ रहता है उसे शांति निश्चिंतता की अनुभूति होती है साथ ही संगीतकार सोमिल भाई ने “माँ मुझे अपने आँचल में छुपा ले गले से लगा ले” संगीत की सुंदर प्रस्तुति से सभी को भाव विभोर कर दिया साथ ही प्रवचन मण्डप में बैठी बेटियों को अपने पिता व बेटो को अपनी माता के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेने को कहा तब सभी बेटा बेटिया अपने माता पिता के पास पहुचे व माँ बाप को गले लगाकर अपने आसुओ को रोक नही सके साथ ही आर्ची बाठिया जावरा अर्पण बाफना रतलाम व राजवीर सोलंकी ने अपनी सुंदर प्रस्तुति देकर जनमानस को माता पिता की सेवा में रहने का संदेश दिया आयोजन में लाभार्थी गोश्वामी परिवार के शिवपुरी गोश्वामी व मंगलपुरी गोश्वामी के समीप माताजी गोदावरी बाई की तस्वीर के साथ ही श्री संघ अध्यक्ष बाबुलाल धींग एवँ गुणबाला बेन धींग के पुत्र व परिवार जन ने पद पक्षालन कर माता पिता का आशीर्वाद लिया ।


श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ धाम प्रचार सचिव प्रफुल जैन ने बताया कि आयोजन में श्री संघ परार्मशदाता व रतलाम विधायक चेतन्य कुमार कश्यप,सुशील छाजेड़,राजकमल दुग्गड़,पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष कानसिंह चौहान,जिला सहकारी संस्था पूर्व उपाध्यक्ष भेरूलाल पाटीदार,नगर परिषद अध्यक्ष श्याम बिहारी पटेल,भाजयुमो जिला महामंत्री राहुल ओसतवाल, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि रितेश जैन आदि उपस्थित थे। सभी का लाभार्थी परिवार विजय कुमार चन्द्रगोता परिवार व चातुर्मास समिति अध्यक्ष राकेश जैन इंदौर ने बहुमान किया श्री कश्यप ने कहा कि संत सभी के लिए पूजनीय व हितेषी होते है इस चातुर्मास में जो कार्यक्रम हो रहे है वह अनुकरणीय व अनुमोदनीय है साथ ही पिपलौदा में उपध्यान तप व अधिवेशन की भी रूपरेखा भी तैयार हो रही है जो गच्छ की अभिवृद्धि कर जिनशाशन की शोभा बढ़ा बढ़ाने में सहयोगी है साथ ही सभी अतिथियों ने दादा गुरुदेव, पूण्य सम्राट,गच्छाधिपति श्री व मुनिमण्डल के फोटो का विमोचन किया गच्छाधिपति श्री ने लाभार्थी गोश्वामी परिवार को पूण्य सम्राट की प्रतिमा व माला भेट की ।


संचालन – वाटिका अध्यक्ष शेलेन्द्र कटारिया व चातुर्मास प्रभारी राकेश जैन ने किया ।

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