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आत्म भाव से भरा है नवकार – गच्छाधिपति श्री

पिपलौदा / (प्रफुल जैन) – पावनिय चातुर्मास महोत्सव के दौरान श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ धाम पर गच्छाधिपति नित्यसेन सूरीश्वर जी म.सा.ने कहा कि नवकार मंत्र में नो पद व आठ संपदा है सात अक्षर के तीन,आठ अक्षर के ती, नो अक्षर के दो, पाँच अक्षर का एक पद है इस प्रकार नवकार महामंत्र में कुल अड़सठ अक्षर होते है नवकार में परम श्रेष्ठ स्थान रूप आत्मभाव भरा हुआ है श्रद्धावान पुण्यवान के सतत साथ रहने से प्रभाव की प्रतीति होती है और साधना रत साधक को इस के प्रत्येक पद का उत्कृष्ट चिंतन करते करते स्वभाव के दर्शन होते है। इसमें अरिहंत ओर सिद्ध दोनों देव तत्व है आचार्य उपाध्याय व साधु तीन गुरु पद है अतः जिसे पंच परमेष्टि पद भी कहा जाता है साथ ही दर्शन ज्ञान चारित्र व तप ये चार पद मिलने से श्री नवपद मण्डल (सिद्ध चक्र) बनता है। वर्तमान में सभी मानव मोबाइल का नम्बर याद रखते है ठीक उसी प्रकार नवकार का भी कोड न. 757798889 याद रखने की आवश्यकता है। मुनिराज श्री सिद्धरत्न विजय जी म.सा.,मुनिराज श्री विद्वदरत्न विजय जी म.सा.,मुनिराज प्रशमसेन विजय जी म.सा., मुनिराज श्री तारकरत्न विजय जी म.सा.,व मिनिराज श्री निर्भयरत्न विजय जी म.सा. व साध्वी श्री भाग्यकला श्री जी म.सा.आदि ठाणा उपस्थित थे।

ये रहे लाभार्थी- श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ धाम प्रचार सचिव प्रफुल जैन ने बताया कि दादा गुरुदेव व पूण्य सम्राट की आरती का लाभ जयंतसेन धाम परिवार रतलाम, प्रभावना का लाभ प्रकाशचंद्र चेतन,विवेक कुमार जैन साँवेर, अविनाश महेंद्र तातेड़ जावरा, नवकार आरधना परिवार नागदा, प्रभात राजमलजी कुक्षी, भीमराज पंकज मधुबाला पीपाड़ा परिवार इंदौर, नवकार आराधक मण्डल मन्दसौर, शोभाराम खेर पिपलोदा, राजमल कन्हैयालाल पारसमल लोढ़ा परिवार मन्दसौर, एस कुमार बरमेचा परिवार रतलाम, श्री संघ महिदपुर, कनकमल छोगालाल बाबेल जावरा, गवली का लाभ राजमल जैन रॉयल परिवार द्वारा लिया गया। आयोजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिला सुराणा रतलाम, संगीतकार दीपक करणपुरिया प्रतापगढ़,कवि श्याम अंगारा विशेष रूप से उपस्थित थे सभी लाभार्थियों व अतिथियों का श्री संघ अध्यक्ष बाबुलाल धींग द्वारा बहुमान किया गया
संचालन चातुर्मास प्रभारी राकेश जैन ने व तरुण परिषद अध्यक्ष हर्ष कटारिया ने किया ।

चल रही तप आराधना – चातुर्मास महोत्सव के दौरान सांखली तेला व सांखली आयम्बिल के साथ ही तप आराधना चल रही है इसी क्रम में राखी भंडारी के 28, हंसा बाबेल के 25, मंजुला बेन बाबेल 14, अवस्थी जैन के 7 उपवास की तपस्या चल रही है

नमो लोए सव्वसाहूणं पद की भाव यात्रा हुई – गच्छाधिपति श्री की निश्रा में लाभार्थी श्री समरथमल जी सुराणा परिवार द्वारा मंत्री श्री पैथड शाह बनकर नो तीर्थ श्री नवसारी तीर्थ,श्री मोदरा तीर्थ,श्री लोद्रवा जी तीर्थ, श्री एकलिंग जी तीर्थ, श्री सम्मेदशिखर जी तीर्थ, श्री वरकाणा जी तीर्थ, श्री सागोदिया जी तीर्थ, श्री हुबली तीर्थ,श्री नंदी ग्राम तीर्थ की भाव यात्रा करवाई गई।

एसो पंच नमुक्कारो पद की भाव यात्रा होगी – दिनांक 12 अगस्त को गच्छाधिपति श्री की निश्रा में लाभार्थी बाबुलाल ऋषभ कुमार धींग परिवार द्वारा मंत्री वस्तुपाल-तेजपाल बनकर एसो पंच नमुक्कारो पद के आठ तीर्थ श्री एलुर,श्री सोनागिरि,श्री पंचासरा,श्री चंद्रावती, श्री नडियाद, श्री मुछाला महावीर, श्री कॉपरडाजी, श्री रोजाणा तीर्थ की भाव यात्रा करवाई जावेगी ।

 

होंगे सेकड़ो आयम्बिल – अहिंसा के अवतार भगवान महावीर की वाणी को श्रवण कर मुख प्राणियों की जीव हिंसा की आत्म शांति हेतु दिनांक 12 अगस्त को समाजजनों द्वारा आयम्बिल किया जावेगा एवं प्रवंचन मण्डप में बैठे नगर व क्षेत्र वासियो ने भी मिठाई का त्याग किया।

प्रतिदिन हो रहे केश लोच – मुनिराज श्री निर्भयरत्न विजय जी म.सा. द्वारा प्रतिदिन नवकार आराधकों के केश लोच किये जा रहे है गच्छाधिपति श्री ने कहा कि लोच करवाने से 6 माह के उपवास का फल मिलता है साथ ही कहा कि “जो करवाते है लोच उनकी होती है बड़ी सोच” ।

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