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पुज्य आचार्यश्री नित्यसेनसुरीष्वरजी महा.सा.ने श्रीसंघ का जाजम का मर्हुत प्रदान किया

पुज्य आचार्यश्री नित्यसेनसुरीष्वरजी महा.सा.ने श्रीसंघ का जाजम का मर्हुत प्रदान किया
पुज्यश्री से कहाॅ झकनावदा विराजित श्री आदिनाथ भगवान की एतिहासिक होगी प्रतिष्ठा
झकनावदा – झकनावदा विराजित मुलनायक दादा आदेष्वर भगवान का बहुत ही प्राचिन इतिहास है। हम आपको बता दे की झकनावदा गम्भारे में विराजित मुलनायक भगवान की प्रतिमा मोहनखेड़ा तीर्थ (धार) किसी खुदाई के दौरान निकली थी। जिसके बाद उक्त प्रतिमा की प्रतिष्ठा हेतु कई श्रीसंघो को मोहनखेड़ा तीर्थ में विराजित दादा गुरूदेव ने आमंत्रीत किया। वहाॅ पुज्य आचार्य श्री ने कहाॅ की सभी श्रीसंघ अपने अपने प्रयास करे जो श्री संघ उक्त मुर्ती को आसानी से उठा लेगा वह जयकारा लगाकर प्रतिमा जी को अपने गाॅव, षहर लेजाकर प्रतिष्ठा करवायेगा। उसी क्रम में राणापुर, पारा, झाबुआ, बोरी, मेंघनगर,राजगढ़,कुक्षी, मनावर,पेटलावद, मनावर, झकनावदा के श्रीसंघो ने उक्त दादा आदेष्वर भगवान की प्रतिमा उठाने की कोषीष की। लेकिन वहाॅ झकनावदा श्रींसघ से पहुॅचे सिर्वी समाज के परिवार के एक सदस्य ने उक्त प्रतिमाजी को अपने कंधे पर उठा ली व पुरा प्रांगण दादा आदिनाथ भगवान के जयकारे लगाने लगा।  व झकनावदा क्षत्रीय सिर्वी समाज का एक व्यक्ति उक्त प्रतिमा जी को पैदल करीब 20 किलोमीटर का सफर तय कर रास्ते में बीना कही मुर्तिै को जमीन पर रख सीधे झकनावदा लाये व झकनावदा में उक्त प्रमिता जी  को विराजमान किया गया। उक्त प्रतिमा प.पु.दादा राजेन्द्रसुरी गुरूदेव ने झकनावदा जिनालय में आज से करीब 100 वर्ष पुर्व प्राचिन मंदिर में विराजित कर प्रतिष्ठा महोत्सव कर स्थापित की थी।,
बाद पुनः जिनायल का किया गया नवीन जिर्णोद्वार
प्राचिन मंदिर क्षतिग्रस्त होने पर पुण्य सम्राट आचार्य भगवंत श्रीमद्विजय जयन्त सेन दे विहार के दौरान देखा की जिनालय में विराजित प्रभृजी की प्रतिमा से मन मोहीत होकर जिनालय के नवीन जिर्णोद्वार करने को बताया तब श्रीसंघ ने पुण्य सम्राट ने भावभरी विन्नती कर आग्रह कीया की आपश्री अपने शुभहस्ते इस जिनालय का जिर्णोद्वार करवावे। तब पुण्य सम्राट ने श्रीसंघ की विन्नती स्वीकार कर उक्त जिनालय का जिर्णोद्वार करवाया। तत्पष्चात् जिनालय के जिर्णोद्वार के पष्चात् झकनावदा श्री आदिनाथ जैन मंदिर में दादा आदिनाथ की प्रतिमा को प.पुज्य गच्छाधिपति पुण्य सम्राट श्रीमद्विजय जयन्त सेनसुरीष्वरजी महाराज सा. ने अपने मुनिराज डा.ॅ सिद्धरत्न विजयजी महाराज साब के सुभहस्ते चल प्रतिष्ठा महोत्सव के माध्यम से नवीन जिनालय के गम्भारे में आज से करीब 10 से 12 वर्ष पुर्व प्रतिष्ठीत करवाई थी। जिसकी मुख्य प्रतिष्ठा बाकी थी।
लम्बे इन्तजार के बाद मिला प्रतिष्ठा का मर्हुत
झकनावदा श्रीसंघ के निरन्त प्रयास से पुण्य सम्राट के सपने को साकार कर रहे आचार्य भगवंत श्रीमद्विजय नित्यसेन सुरीष्वरजी महा.सा. ने अवन्तिका पाष्र्वप्रभु की प्राचिन नगरी उज्जैन में चार्तुमास के दौरान  श्रीसंघ को झकनावदा पंचहानिका प्रतिष्ठा महोत्सव का 25 अप्रैल 2019 की तारीख प्रदान कर धुम धाम से प्रतिष्ठा महोत्सव की तैययार की अनुमति प्रदान की। जिससे झकनावदा व आसपास के क्षैत्र में खुषी की लहर छा गई।
तालनपुर तीर्थ प्रतिष्ठा महोत्सव में दिया जाजम बिछाने का शुभ मर्हुत
तालनपुर महा तीर्थ में चल रहे प्रतिष्ठा महोत्सव में झकनावदा श्री संघ के व्यवस्थापक कनकमल माण्डोत, शैतानमल कुमट, शम्भुलाल सेठीया, श्रैणीक कुमार राठौड़ (लालु), अखील भारतीय श्री राजैन्द्र जैन नवयुवक परिषद् अध्यक्ष शाखा झकनावदा के ने पहॅुच कर तालनपुर के नाथ भगवान के दर्षन वंदन किये इसके साथ ही तालनपुर में विराजीत आचार्यद्वय भगवंत श्रीमद्विजय नित्यसेन सुरीष्वरजी महाराज सा. व आचार्य भगवंत श्रीमद्विजय जयरत्नसुरीष्वरजी महा.सा.के दर्षन वंदन किये। इसके साथ ही पुज्यश्री आचार्यद्वय से झकनावदा पधारे की विन्नती भी की। लेकिन आचार्यद्वय ने बताया की राजस्थान में करीब 8 से 9 प्रतिष्ठा बकाया है जिनका मर्हुत प्रदान कर दीया गया है। वह प्रतिष्ठा पुर्ण कर मालवा में दौबारा आने का भाव रखा। साथ ही अचार्यश्री जयरत्नसुरीष्वरजी महाराज सा. ने अपने आषीष वचन में कहाॅ की अभी समय की अनुकुलता नही है जिसके चलते हमें उग्रविहार कर राजस्थान में कई अधुरे कार्य पुर्ण करना है। जिसके बाद में स्वयं पुरे मालवा में घुमकर मालवा वासियो से मिलुगा, ऐसा मेरा भाव है। इसके साथ ही झकनावदा श्रीसंघ ने आग्रह किया की आपश्री हमें प्रतिष्ठा महोत्सव के पुर्व जाजम बिछाने का शुभ मर्हुत प्रदान करे व साथ ही उक्त जाजम में हमारे झकनावदा श्रीसंघ को साधु भगवंत की निश्रा प्रदान करे। व्याख्यान वाचक मुनिराज श्री विद्धवतरत्न विजयजी महाराज सा. ने आचार्यश्री से चर्चा कर हाल ही में मेघनगर में चातुर्मास पुर्ण कर उग्रविहार कर तालनपुर तिर्थ पहुॅची साध्वीश्री डाॅ.अनेकान्ताश्रीजी आदि ठाणा 6 को मोहनखेड़ा तीर्थ म्युजियम पर गुरूसप्तमी  महापर्व मनाने के बाद झकनावदा जाजम करवाने की अनुमति प्रदान कर आचार्य श्री से साध्वीश्रीजी की अनुमति मिलते ही श्रीसंघ ने पुज्य आचार्यश्री के जयकारे लगाये। साथ ही जाजम आगामी दिनांक 30 जनवरी 2019 बुधवार (माघ कृष्णा दसमी) प्रदान किया।
फोटो:- 001 आचार्य श्री नियत्नसेनसुरीश्वरजी महाराज सा. से चर्चा करते श्रीसंघ सदस्य।
फोटो:- 002 आचार्य श्री जयरत्नसुरीष्वरजी महाराज सा. से प्रतिष्ठा महोत्सव में निश्रा प्रदान करने हेतु विन्नती करते जिनालय व्यवस्थापक।

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